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Hindi Status Messages

*सभी समस्याओं का कारण केवल दो शब्द,*
*जल्दी और देरी हैं,*
*हम सपने बहुत जल्दी देखते हैं पर,*
*उन पर कार्यवाही देरी से करते हैं,*
*भरोसा बहुत जल्दी करते हैं पर क्षमा बहुत देरी से करते हैं,*
*नाराज बहुत जल्दी होते हैं पर माफी बहुत देरी से मांगते हैं,*
*और,*
*हताश बहुत जल्दी होते हैं पर पुन: प्रयास बहुत देरी से शुरू करते हैं*

दुआ है की कामयाबी के हर सिखर पे आप का नाम होगा,
आपके हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,
हिम्मत से मुश्किलों का समाना करना
हमारी दुआ है की वक़्त भी एक दिन आपका गुलाम होगा...!!
शुभ जन्मदिन की मुबारकबाद

ज़िंदगी की कुछ खास दुआए ले लो हमसे
जन्मदिन पर कुछ नजराने ले लो हमसे
भर दे रंग जो तेरे जीवन के पलो में…..
आज वो हसी मुबारक बाद ले लो हमसे

मन तुलसी का दास हैं, वृन्दावन हो धाम, साँस-साँस में राधा बसे, रोम-रोम में श्याम ।

प्रभु के सामने जो झुकता है, वह सबको अच्छा लगता है, लेकिन जो सबके सामने झुकता है, वह प्रभु को भी अच्छा लगता है।

शायद मेरे पास सब कुछ नहीं पर ईश्वर ने मुझे वो सब दिया है, जिसकी मुझे जरुरत है। मैं इसके लिए ईश्वर का आभारी हूँ।

मन को अपना नेत्र बानवे उसके सब संकट कट जावे जहा न मित्र न और सहाये वह धैर्य बस महा उपाय ।

“कभी कभी चुप रहकर ही रिश्तों के बरक़रार रखा जा सकता है।”

“सभी के साथ विनम्रता और दया से व्यवहार करें, इसलिए नहीं कि वे अच्छे हैं, बल्कि इसलिए कि आप अच्छे हैं।”

“जब वक्त आपके साथ हो तो कभी गुरुर मत करना, जब वक्त आपके विपरीत हो तो सब्र जरूर करना।”

“जब वास्तविकता आपको अपने सपनों से बेहरतर लगने लगे तब आप कामियाब होने लगते हैं। ”

शांत होने के बाद ही पता चलता कि कितना नुकसान हुआ।
अतः हमेशा अच्छी सोच,अच्छे विचार के साथ
सकारात्मक रहें, खुश रहें, प्रसन्न रहें, मुस्कुराते रहें।

बात वो कहिए कि जिस बात के सौ पहलू हों
कोई पहलू तो रहे बात बदलने के लिए

समय के साथ दौड़ने की कोशिश की लेकिन मैं हमेशा हार गया
जिसको बचाने की कोशिश की वो ही मुझे मार गया

एक दिल है एक जान है ... दोनों मां - बाप पर ही कुर्बान है ...

आँख दुनिया की हर एक चीज देखती है,
मगर जब आँख के अन्दर कुछ चला जाए तो उसे नहीं देख पाती
बिल्कुल इसी तरह इंसान दूसरो कि गलती तो देखता है
पर अपनी गलती उसे नजर नही आती है।```
"निंदा" से घबराकर अपने
"लक्ष्य" को ना छोड़े. क्योंकि
"लक्ष्य" मिलते ही निंदा करने वालों की "राय" बदल जाती है...

बेशक रिश्तों की परख नहीं मुझे
पर अक्सर दिल से निभाया है मैंने

सुबह की ख्वाहिशें ... शाम तक टाली हैं ...
कुछ इस तरह हमने जिंदगी संभाली है ...

दुनिया की सबसे बेहतर दवाई हैं
"जिम्मेदारी"
एक बार पी लीजिए जनाब,
जिन्दगी भर थकने ही नहीं देती..

हमसे बात कीजिये तो जरा एहतियात से...
हम लफ्ज भी सुनते है और लहजे भी...!!

बिखरी सी गुलाबी यादें
जमी हुईं बर्फ़ सी बातें

बहुत अंदर तक जला देती हैं।
वो शिकायतें, जो बयां नहीं होती,,

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी ,
आज ज़रा वक़्त पर आना ” मेहमान-ए-ख़ास ”” हो तुम…

तरक्की के इस दौर में हम इतना आगे निकल चुके हैं
कि हाथ में पकड़े हुए मोबाइल की अहमियत
पास बैठे इंसान से ज्यादा हो चुकी है

हो सकती है जिंदगी में मोहब्बत दोबारा भी……
बस हौंसला चाहिए फिर से बर्बाद होने का…!!

बात कोई और होती तो कह भी देते...
कम्बखत मोहब्बत है बतायी भी नही जाती...

*“जीवन की हर समस्या ट्रैफिक की “लाल बत्ती” की तरह होती है,*
*यदि हम “थोड़ी देर” प्रतीक्षा कर लें, तो वह हरी हो जाती है..*
*धैर्य रखें, प्रयासः करें, समय बदलता ही है।*

शास्त्रों में कहा है...
परीक्षा संसार की करो.. प्रतीक्षा परमात्मा की करो..
और
समीक्षा अपनी खुद की करो..
पर हम....
परीक्षा परमात्मा की करते है,
प्रतीक्षा सुख की करते है...
और
समीक्षा दूसरों की करते हैं...

जानने एवं समझने में अंतर होता है
हमें बहुत से लोग जानते हैं, मगर समझने वाले कुछ एक ही होते हैं

💞रिश्ते...अगर दिल में हों तो तोड़ने से भी नहीं टूटते,
और
अगर दिमाग में हों तो जोड़ने से भी नहीं जुड़ते !! 💞

कितनी अजीब है नेकियों की जुस्तजु
नामज़ भी जल्दी में पढ़ते हैं फिर से गुनाह करने के लिए

खाक_मुट्ठि_मे_लिये_क़बर_की_सोचता_हूँ_ग़ालिब
इंसान_जो_मरते_हैं_तो_उनका_गुरूर_कहाँ_जाता_है

रहने दे मुझे इन अंधेरो में ग़ालिब
कमबख़्त रौशनी में अपनो के असली चेहरे सामने आ जाते हैं

ना चांद अपना था और ना तू अपना था काश दिल भी मान लेता कि सब सपना था

अफवाह थी कि मेरी तबीयत ख़राब है
लोगों ने पूछ पूछ कर बीमार कर दिया

चल कहीं दूर चला जाए ऐ जिंदगी,
ये लोगों का हुजूम अब दिल में बैचेनी पैदा करता है।

मेरी खामोशी बहुत कुछ कहती हे।
कान लगाकर नहीं दिल लगाकर सुनो।।

दुसरो को समझना बुद्धिमानी है , खुद को समझना असली ज्ञान
दुसरो को काबू करना बल है , और खुद को काबू करना बास्तविक शक्ति है
जिसने संसार को बदलने की कोशिश की वो हार गया
और जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया!

"चेहरा देख कर इंसान पहचानने की कला थी मुझमें......
तकलीफ तो तब हुई जब इंसानों के पास चेहरे बहुत थे"…......✍️✍️

बहुत कम लोग हैं जो मेरे दिल को भाते हैं,
और उससे भी बहुत कम हैं जो मुझे समझ पाते हैं।"

मां के लिए क्या लिखूं
मां ने खुद मुझे लिखा है

ये इश्क़ का जुआ हम भी खेल चुके हैं साहब रानी किसी और कि हुई जोकर हम बन गए...

सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है,
आंख खुलते ही आपकी याद होती है,
खुशियो के फूल हो आपके आँचल मे,
ये होंठों पे पहली फरियाद होती है!

ये मोहब्बत का गणित है यारों
यहाँ दो में से एक गया तो कुछ नहीं बचता ,

एक मुद्दत से आरज़ू थी फुरसत मिले कभी ...
मिली, तो इस शर्त पे कि किसी से ना मिलो ..!!

चलिए साहब..कर्फ्यू के बहाने ही सही
मुद्दतों बाद सब रिश्ते इकट्ठा तो हुए..✍️

मुझे कहना नहीं आता
तुम अब समझना सीख जाओ

ना हुआ हमसूस बेइंतिहा मोहब्बत जिसे सांसो की महक से
क्या समझेगा वो हाल-ए-दिल एक गुलाब देने भर से

💞 नज़रों से ना देखो हमें.. तुम में हम छुप जायेंगे..
अपने दिल पर हाथ रखो तुम.. हम वही तुम्हें मिल जायेंगे..! 💞

कुछ शब्द ही तो थे
जिनसे जाना था तूने मुझे मैंने तुझे

सूना था मोहब्बत मिलती है मोहब्बत के बदले
मगर हमारी बारी आए तो रिवाज़ ही बदल गया 👌💓

ये संग्दलों की दुनियां है यहाँ सभाल कर चलना
यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है नजरों से गिराने क लिए

अजीब शक्श था वो
जिंदगी बदल कर, खुद भी बदल गया….

कुछ लोग आँसू की तरह होते हैं पता ही नहीं चलता साथ दे रहे हैं या साथ छोड़ रहे हैं

“सोचने से कहाँ मिलते हैं ,तमन्नाओं के शहर..
चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिलों को पाने के लिये”

एक पे एक मुफ्त
ऐसा कहकर वो दर्द देकर चला गया

सुखी पत्तो की तरह बिखरी हुई थी मेरी ज़िन्दगी
किसी ने समेटा भी तो सिर्फ जलiने के लिए. 💔💔(♣♠)

बात बस इतनी सी थी
उन्हे चाय पसंद थी
और हमे चाय पिने वाले

कुछ रिश्ते इसलिए नहीं सुलझ पाते हैं क्योंकि लोग गैरो की बातों में आकर अपनों से उलझ जाते हैं।

दिखाने के लिए ताे हम भी बना सकते है ताजमहल मगर मुमताज़ काे मरने दे हम वाे शाहजहाँ नहीं ।

बहुत ख़्वाब सज़ाए हमने अपने बचपन में
जवानी की दौड़ में सब पीछे छुट गए!

हवा गुज़र गयी पत्ते थे कुछ हिले भी नहीं
वो मेरे शहर में आये भी और मिले भी नहीं
ये कैसा रिश्ता हुआ इश्क में वफ़ा का भला
तमाम उम्र में दो चार गिले भी नहीं

गुमशुदा जिंदगी तो अपने लिये होती है
जमाना तो यादों मे भी खुश रहता है

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है।😘😘

इश्तिहार दे दो ये दिल खाली है
वो जो आए थे किरायदार निकले..✍️

कभी कभी हम अपना कदम पीछे करके भी रेस में सबसे आगे बढ़ जाते हैं 🏆

सोंचते हैं गिरा दें सभी रिश्तों के खंडहर
इन मकानों से किराया भी नहीं आता..✍️

असफलता के समय आंसू पोछने वाली एक ऊँगली उन दस उँगलियों से अधिक महत्वपूर्ण है,
जो सफलता के समय एक साथ ताली बजाती है !! 🙏🙏👍👍

शहर पूरा बंद हैं, हर गली में नाकाबंदी है..!
तुम पता नहीं किन रास्तों से, चले आते हो ख़्यालों में...

घोंसले से प्यार था पर मुड़ के न देखा कभी
या अलग ये दौर है या ये परिंदा और है।

शाखें रही तो फूल भी, पत्ते भी आएंगे,
ये दिन अगर बुरे है, तो अच्छे भी आएंगे
so always be positive and be happy 🌹

*ईश्वर की कुदरत का एक अंदाज़ निराला देखा,,*
*आज पंछी खुले आसमान में उड़े , और घरों में कैद जमाऩा देखा,,,।*
🙏Good Morning🙏🏻

मैं तो सोच रहा था नशे का सामान लेने के लिए
पर तेरी आँखें काफी हैं, मेरी जान लेने के लिए

कभी पड़ोसी भी घर का हिस्सा हुआ करते थे
आज एक ही घर में न जाने कितने पड़ोसी हैं..💔

हाथों में हाथ दोस्तों का रहा
ज़िन्दगी मर के भी जिंदा रही।

वो जब बिखरा तो हमने ये तमाशा देखा
लोग गिरे हुए मकान की ईंटे तक के गए..✍️

तलाश कर अपने दिल में मेंरी कमी को
अगर थोड़ा सा भी दर्द हूआ तो समझ लेना मोहब्बत अभी बाकी है

💞 नज़रों से ना देखो हमें.. तुम में हम छुप जायेंगे..
अपने दिल पर हाथ रखो तुम.. हम वही तुम्हें मिल जायेंगे..! 💞

कौन कहता है कि दूरियां हमेशा किलोमीटरों में नापी जाती हैं....!!
कभी कभी "ख़ुद" से मिलने में भी "जिंदगी" गुज़र जाती है....!!!

राहों का ख़्याल है मुझे, मंज़िल का हिसाब नहीं रखता..!!
अल्फ़ाज़ दिल से निकलते है,मैं कोई किताब नहीं रखता..!!

बस एक बात पूछनी थी
कि
खुश तो हो न तुम।♥️♥️

हम भी कभी मुस्कुराया करते,
उजाले में शोर मचाया करते थे,
उस दिए ने मेरे हाथ को जला दिया,
जिस दिए को हम हवा से बचाया करते थे।

समझने वाले ख़ामोशी भी समझ लेते हैं
न समझने वाले जज़्बातों का भी मज़ाक बना देते हैं

माँ के लिए क्या लिखूं मैं, माँ की ही तो लिखावट हूँ मैं...

किसी को मका हिस्से में आया,
किसी को दुका आई।
मैं घर में सबसे छोटा था,
मेरे हिस्से में "मां" आई।।

काश मैं लौट पाऊं बचपन की उन वादियों में 💝
जहां न कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी_था!!

जब तक दर्द गेहरा नही हो जाता
कम्बखत दुनियावाले भी नजर अंदाज़ करते है

"लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती
बस एक माँ है जो कभी ख़फ़ा नहीं होती।"

हर एक उस बन्दे ने कामयाबी पाई है ,
जिसने किताबों में अपनी जान लगायी है ||

मुहब्बत के अगर 100 हिस्से किये जायें तो
. . 99.9% की हक़दार माँ है...!

ऐ अंधकार देख ले मुंह तेरा काला हो गया
मां ने आंखे खोल दी घर में उजाला हो गया ।

जो पढ़ा है उसे जीना ही मुमकिन नहीं
इसीलिए ज़िन्दगी को मैं किताबों से दूर रखता हूँ..✍️

"मैं हमदर्दी की खैरातों के सिक्के मोड़ देता हूँ,
के जिस पर बोझ बन जाऊँ
उसे मैं खुद ही छोड़ देता हूँ।"

कुछ रहम कर जिंदगी थोड़ा सवर जाने दे 💔 💔💔
तेरा अगला जख्म भी सह लेंगे पहले वाला तो भर जाने दे💔 💔💔

इस दुनिया पे भरोसा कभी मत करना
ये शहद दिखाकर ज़हर पिला देती है..💔

उमर जाया कर दी उसकी तलाश मै आखिर मिला तो भी मेरे ही दिल के किसी कोने मै

रोज़ पिलाता हूँ एक ज़हर का प्याला उसे
वो दर्द जो दिल में है..मरता ही नहीं 💔

ये इश्क है ज़नाब इसे अधूरा ही रखिये
पूरा हो गया तो भुला दिया जाएगा..💔

साथ रहने का वादा तो तूने ना निभाया,☹️ पर,
अब हम तुमसे दूर रहने का वादा जरूर निभाएंगे☺️

फर्क था हम दोनो की मोहब्बत मे
मुझे उससे ही थी उसे मुझसे भी थी